2.
मेरा कॉलेज, दुनिया का सबसे बर्वाद कॉलेज था, आज भी उम पलों को याद करती हु तो मन दुःख से भर जाता है पर इस कॉलेज पहला दिन अजीब सा था, रैगिंग के नाम पर seniors आये और शायद वो भी(सर नीचे था तो देख नही पाई ) लेकिन बिलकुल शांति से मेरा नाम पूछा गया. बस रैगिंग यही तक सीमित रही और सीनियर से contact भी. इसीलिए शायद मेरे लिए कॉलेज गन्दा लगता है की उसने मुझे आशीष से मिलने के ज्यादा मौके नही दिए.
अगले दिन वो उस बस स्टाप पे नही था, बाद में पता चला वो localized नहीं है, रूम ले के रह रहा है, और कही और शिफ्ट हो गया है.
कुछ दिन बाद फ्रेशेर्स पार्टी थी. वो मुझे फिर दिखा, लेकिन स्टेज पर, डांस करते हुए. डांसर तो मैं भी थी, उससे कुछ कम नही और मैंने भी डांस किया..........शायद सबसे ज्यादा तालियाँ और appreciation मुझे ही मिला था, लेकिन ख़ुशी तरब हुई जब उसने आकर मुझसे कहा-
'व्हाट्स यौर नेम ?'
'प्रियंका'
'nice dance'
'thanks'
बस इतनी सी थी हमारी ये दूसरी मुलाकात. लेकिन इसी मुलाकात ने मुझे एक अद्भुत मौका दिया, उसके साथ डांस करने का.
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
thanx for the comment..
ReplyDeleteI m Prashant..
I m working in Amar Uajala Bareilly..
I want to know about u..
who r u..
Your profole is also incomplete..
Tell me who r u..